shah

Thursday, July 30, 2009

खरगोशो की चालाकी !!! जातक कथाएँ

एक बार बरसात के मौसम में पानी ना बरसने के कारण सूखा पर गया ! तब हाथियौं ने अपने राजा
के पास जाकर कहा- ’महाराज़ ! हम प्यासे मर रहे हैं, बिन पानी के जीवित नही रह सकते !’
राज़ा बोला - आप लोग परेशान ना हो! पास ही में एक बडा तलाब हैं ! मै तुम सबको वही पर लेकर चलता हूँ ! सभी हाथी राजा के साथ उस तलाब पर गये और पानी देखकर खुशी से उसमे कूदने लगे !
वही पास मेन तलाब के किनारे खरगोशो का एक झुण्ड रहता था ! तलाब मे हाथियौं को देख कर खरगोश बहुत चिन्तित हो गये ! उन्हे लगा कि अब उन्हे अपना घर छोर कर कही और जाना पडेगा ! अत: रात मे उन्होने सभा बुलाई और बडे और अनुभवी लोगो कि राय माँगी गई ! एक बुढे खरगोश ने सबको विश्वास दिलाया कि वो मामले को बिना परेशानी के हल कर लेगा !
अगले दिन बुढा खरगोश हाथियौं के राज़ा के पास गया, पर उसे छोटा सा जानवर समझ कर राजा हाथी ने उसका मजाक उडाया और उसे ही अपना स्थान छोड कर भाग जाने की सलाह दे डाली !
राजा हाथी की बात सुन कर खरगोश थोडा डर गया पर उसने हिम्मत नही हारी और हाथी राजा से बोला- ’ठीक है, अभी तक मैने आपको प्यार से समझाया आप नही माने अब मेरे स्वामी भगवान चाँद ही आकर आपको सजा देंगे ! आज रात ही आप लोगो को सजा मिलेगी जब खुद चन्द्र देवता इस तलाब मे गुस्से मे उतऱेंगे !
बुढे खरगोश की बात सुनकर हाथी राजा के कान खडे हो गये ! उसे लगा कि इस बात मे कितनी सच्चाई है उसे देखना चहिए ! कही सच मे उसका और उसकी प्रजा का विनाश ना हो जाये !
दूसरी तरफ़ बुढा खरगोश जानता था कि आज रात पुर्णिमा कि रात है ! रात होते हि पूरे चाँद का प्रतिबिम्ब साफ़-साफ़ तलाब मे नज़र आ रहा था ! बुढा खरगोश शाम से हि अपने लोगो के साथ तलाब के किनारे बैठा सही समय का इन्तज़ार कर राहा था, जैसे ही राजा हाथी अपने साथीयो के साथ तलाब पर आया, खरगोश ने नज़र बचाकर तलाब मे एक छोटा पत्थर फैंक दिया साथ हि साथ चिल्लाने लगा कि "हाथीयो को देखते ही चान्द देवता गुस्से से कापने लगे, हाथीयो को देखते ही चान्द देवता गुस्से से कापने लगे !"
हाथीयो ने भी देखा कि तलाब के अन्दर चान्द हिल रहा है ! उन्होने तुरन्त अपने राजा से सलाह मशवरा किया और बोले कि शायद सच मे चाँद भगवान हमारे याहा आने से खुश नही है ! अच्छा होगा हम ये तलाब तुरन्त छोड दे ! राज़ा के मुह से ऎसा सुनते ही सारे हाथी वाहाँ से तुरन्त भाग खडे हुए !

सीख : सही दिशा मे लगाया गया दिमाग हमेशा सफ़लता दिलाता है !

1 comment:

  1. महोदय,आपके websites में मौजूद कथाओं के द्वारा हम अपने छात्रों के शैक्षिक,सामाजिक,सांस्कृतिक,राष्ट्रीय एवं नैतिक मूल्यों के विकास हेतु आपकी उपदेश प्रेरक कथाएं व उनके संदर्भों का उपयोग अपने Hindi Reading Cards में करने के इच्छुक हैं । हम यह कार्य किसी प्रचार माध्यम या आर्थिक लाभ के लिए नहीं करना चाहते हैं अपितु शिक्षा हेतु करना चाहते हैं । मूल सूत्र कथा को छुए बगैर आंशिक रूप से छात्रों के स्तरानुसार इनमें परिवर्तन करेंगे ।
    बेसब्री से आपके लिखित अनुमोदन हेतु
    आपके निवेदक(पद्मजा,सुषमा,सरसवाणी- प्राथमिक शिक्षिकाएँ)
    केंद्रीय विद्यालय २- गोलकोंडा ( हैदराबाद)
    Email address: paddya65@gmail.com

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